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Kamal Purohit

Inspirational

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Kamal Purohit

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विश्व कल्याणकारी भारत और चीन

विश्व कल्याणकारी भारत और चीन

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मेरे भारत के लोगों ने, सर्वदा विश्व कल्याण किया।

पर चीनी ने कोरोना से, दुनिया वालो का प्राण लिया।।

इतिहास यही कहता हमको, भारत का सब कुछ खोया था।

मेरे भारत का ज्ञान अमर है, हाँ कभी नही ये सोया था।।

जब ह्वेनसांग शिक्षा पाने, मेरे भारत में आया था।

हमने उसको शिक्षा देकर, अपना कर्तव्य निभाया था।।

कहते है युद्ध कलिंगा का,जब चरम काल में था आया।

तब देख तबाही का मंजर, सम्राट अशोका घबराया।।

हाँ! अशोक बर्बर शासक था, वो सभ्य बना धीरे धीरे।

बुद्ध ज्ञान से जीवन उसका, हाँ! लभ्य बना धीरे धीरे।।

लेकिन चीन कहाँ सुनता है, बुद्ध ज्ञान को ठुकराता है।

जब देखो तब तानाशाही, युद्ध ज्ञान को अपनाता है।।

ये तब भी इतना बर्बर था, ये अब भी इतना बर्बर है।

जो धीरे धीरे तड़पाती, ये वो ही मीठी शक्कर है।।

इसने हमको प्राचीन युगी, गाँवों वाला भारत समझा।

इसको ये मालूम नही क्या? मंगल पर है अपना झंडा।।

ड्रैगन को क्या मालूम नही, शेरावाली की धरती है।

भारत में छोटी सी बच्ची भी शेर सवारी करती है।।

रावण जैसे लोगों को हम, राम की तरह समझाते हैं।

गर नहीं मानता है तो फिर,हाथों में तीर उठाते हैं।।

हमला हमने जो बोल दिया , तो आँखे ये खुल जाएगी।

हस्ती तेरी है मिट्टी से और मिट्टी में मिल जाएगी।



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