Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

अनामिका वैश्य आईना

Inspirational Thriller


4  

अनामिका वैश्य आईना

Inspirational Thriller


विरहिन को ईश्वर दर

विरहिन को ईश्वर दर

1 min 83 1 min 83

खाली-खाली दिल को एहसासों से भर देता है। 

हाँ एक दीवाना मुझको भी दीवाना कर देता है।


बातों और अठखेलियों से दिल मेरा लुभाता-

प्यार और खुशियों से मेरा दामन तर देता है।


वक़्त बिताता संग मेरे ग़म सभी बाँट लेता हैं-

मेरी खुशी वापस लाने को सभी पहर देता है।


मेरे नैनों में नमी उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है-

लाख प्रयासों से मुझे हँसने के अवसर देता है।


ख़ुद परेशान कभी जो हो तो बाहों में लेकर-

सारी परेशानियां पल में मन से टर देता है।


ए सखी मेरी ! निःशब्द हूँ कैसे तारीफ़ करूँ-

जानो, जैसे विरहिणी को वो ईश्वर दर देता है।


Rate this content
Log in

More hindi poem from अनामिका वैश्य आईना

Similar hindi poem from Inspirational