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J P Raghuwanshi

Inspirational

3  

J P Raghuwanshi

Inspirational

विनम्रता

विनम्रता

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विनय से विद्या आती,

विद्या से मिलती पात्रता।

पात्रता बिन धर्म नहीं,

सुख मिलता, सुख पाता।


विद्या से नम्रता आती,

नम्रता जीवनोपयोगी।

बड़े-बड़े काम बन जाते,

भोगी से बनते जोगी।


दृष्टिकोण को व्यापक करती,

पसरा तिमिर हटाती।

जैसे अंधेरे कक्ष में,

जले दिया और बाती।।


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