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Kanchan Jharkhande

Abstract

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Kanchan Jharkhande

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वीर वो माँ का

वीर वो माँ का

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वीर वो माँ का 

खून से लथपथ था


सुला दिया सदा के लिए

भारत माँ का पुत्र था


हिज्र की बात मत करो 

रूह कांप जाती हैं


दास्तान उनकी जब जब

सामने आती है।


हम तो सफर करते हैं

यह बोलते हुए चल पड़ा


शहीद से लिपटा तो

तिरंगा भी खून के अश्क़ रो पड़ा।


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