वीर सैनिक
वीर सैनिक
सरफ़रोशी की तमन्ना लिए फिरते हैं
देश प्रेम में सैनिक हमारे मतवाले
जिन्होंने पहना रंग केसरी बलिदान का मतलब जानें
है दम तो आके दुश्मन हमें आजमा ले
वीर सैनिक सा काश होता अपना भी जीवन
मातृभूमि के लिए अर्पित कर पाते तन मन धन
हौसलों हिम्मतों जज्बों के अफ़साने लिखे जाते
मर के भी सदा के लिए अमर कहे जाते
उनकी बात अलग ही थी उनमें आग अलग सी है
कुछ और होने के पहले वो भारत के बेटे और बेटी है
स्वार्थ न उनको बाँध पाया
हर मुश्किल उनकी राह में आके पछताया
काल भी देख उनको थर्राया
यूँ ही नहीं देश हमारा आज़ाद कहलाया
बूँद बूँद रक्त और अश्रु बहते रहते थे
माँ के सच्चे सपूत युद्ध भूमि में डटे रहते थे
देख उनके ज़ज़्बे को दुश्मन हर बार है घबराया
देश को है गर्व अपने इन लाल पर
धन्य हुई है भारत भूमि इनसा सपूत पा कर
न भूलेगा ये देश तेरा नाम अंतकाल तक
पूरे जग किया है नाम तुमने दिल खुश है तुम्हें सलाम कर
फूले नहीं समाता है देश वासी सीमा पर विजय अपने नाम कर
बनाया है तुमने इतिहास,है हौसला सच्चा अब अपने पास
भारत की हो रही देखो जग में जय जयकार
माँ भारती का है सच्चा रक्षक तू
युद्ध हो या हो कोई भी संकट
रहा अपने लक्ष्य पर डटकर तू
ले जीत ने हो नतमस्तक हो किया है आलिंगन आज
वो लम्हा तेरी जीत का रहेगा जग को याद
शब्बास मेरे लाल कहती है हर माँ तेरे लिए आज
षड्यंत्र कर रहे थे जो दुश्मन
साहस देख तुझे करते हैं नमन आज
होनहार जबाज़ तुम पे सदा रहेगा हमें नाज़.
