भाऊराव महंत
Thriller
अंगारों में आग लगा दें, ऐसा कुछ कर जाते हैं।
पानी की भी प्यास जगा दें, ऐसा कुछ कर जाते हैं।
अपने सैनिक समर भूमि में भारत माता की ख़ातिर
आँधी को भी फूँक भगा दें ,ऐसा कुछ कर जाते हैं।
होली दोहा
आज हम होली मे...
होली दोहा 05
होली दोहा 03
होली दोहा 01
होली हाइकू
होली कुंडलिया...
अभी हम चुप हैं बस, समझो अभी दुनिया का दौर है। अभी हम चुप हैं बस, समझो अभी दुनिया का दौर है।
हर चीज को जो positively हैंडल करना जिसका काम है, हर चीज को जो positively हैंडल करना जिसका काम है,
रण के रणबाँकुर ज़ोर लगा हिम्मत को अपने शीश लगा, आने दे क्षत्रु को समक्ष तू सहज युद्ध रण के रणबाँकुर ज़ोर लगा हिम्मत को अपने शीश लगा, आने दे क्षत्रु को समक्ष ...
सादर प्रणाम महान कवि को जिनका हर शब्द मेरे दिल को छू जाता है। सादर प्रणाम महान कवि को जिनका हर शब्द मेरे दिल को छू जाता है।
कभी-कभी मैं घंटों सोचती हूं, क्या सच में सब कुछ वहम था? क्या सच में सिर्फ मैं ही गलत थी? क्या सच में... कभी-कभी मैं घंटों सोचती हूं, क्या सच में सब कुछ वहम था? क्या सच में सिर्फ मैं ही...
ग़र नहीं परवाह खुद की तुमको इनके हेतु तो तुम रुक जाओ ग़र नहीं परवाह खुद की तुमको इनके हेतु तो तुम रुक जाओ
अंधेरा बढ़ता ही जा रहा था रात और भी घनी होती जा थी मानो, इस रात की सुबह नहीं...! अंधेरा बढ़ता ही जा रहा था रात और भी घनी होती जा थी मानो, इस रात की सुबह नहीं....
नई सुबह के स्वप्न लेकर विदा कर देती हों अँधियारे को नई सुबह के स्वप्न लेकर विदा कर देती हों अँधियारे को
शायद मुझे प्यार करना मुश्किल है । मैं नहीं हूं लोगों के लिए । शायद मुझे प्यार करना मुश्किल है । मैं नहीं हूं लोगों के लिए ।
पुत्र समान मुझे उसने प्यार दिया दर्शन अपनी माता का पाऊँ। पुत्र समान मुझे उसने प्यार दिया दर्शन अपनी माता का पाऊँ।
क्या मैं पागल हूँ या हो रहा हूँ अगर मुझे बहुत प्यार करते हो, पसंद करते हो तो जवाब सच देना, अधूरा... क्या मैं पागल हूँ या हो रहा हूँ अगर मुझे बहुत प्यार करते हो, पसंद करते हो तो...
कि क्यूँ हुआ था मेरा गन्धर्व विवाह उस डूबते सूर्य से। कि क्यूँ हुआ था मेरा गन्धर्व विवाह उस डूबते सूर्य से।
दो साल से मिली नहीं छुट्टी बच्चों को याद करके मंद मंद मुस्काता बिना पलकें झपकाएँ डटकर खड़ा था वो दो साल से मिली नहीं छुट्टी बच्चों को याद करके मंद मंद मुस्काता बिना पलकें झपका...
मोहब्बत कांची है मोहब्बत मांझी है मोहब्बत कांची है मोहब्बत मांझी है
नहीं है आसान बांसुरी बनना स्वयं में से स्वयं को खाली करना! नहीं है आसान बांसुरी बनना स्वयं में से स्वयं को खाली करना!
पर्वतराज भारत का मान मातृ आँचल। पर्वतराज भारत का मान मातृ आँचल।
अब तो थोड़ा रहम करो ना, अब तो थोड़ा रहम करो ना। अब तो थोड़ा रहम करो ना, अब तो थोड़ा रहम करो ना।
अगर सचमुच बंट गए तो हर महीने ख़त लिखूँगा, किस तरह से ढो रहा हूँ प्राण का पर्वत लिखूँगा । क्या ... अगर सचमुच बंट गए तो हर महीने ख़त लिखूँगा, किस तरह से ढो रहा हूँ प्राण का पर्व...
मेरी तरह अंतत: कर दी भावाभिव्यक्ति।। मेरी तरह अंतत: कर दी भावाभिव्यक्ति।।
बेटा तो माँ के आँखों का तारा पत्नी का गहना- पत्नी का गहना। बेटा तो माँ के आँखों का तारा पत्नी का गहना- पत्नी का गहना।