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Aarti Sirsat

Abstract Inspirational

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Aarti Sirsat

Abstract Inspirational

विदा कर दें

विदा कर दें

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जिम्मेदारियों को सारी 

अब तू रिहा कर दे...!

देर ना कर बाबुल 

अब तू विदा कर दे...!!


टूट जाने दे अब डालीं से उस फूल को, 

भवरों को अब तू आजाद कर दे...!

देर ना कर बाबुल 

अब तू विदा कर दे...!!


बिलखने दे आँसुओं 

की धाराओं को...!

बह जाने दे खामोशी 

की जुबां को...!!


बिन मेरे जीने का 

अब तू वादा कर दे...!

देर ना कर बाबुल 

अब तू विदा कर दे...!!


जिन्दगी पूरी अपनी 

मुझ पर वारी...!

रहने दी सभी ख्वाहिशें भी 

अपनी अधूरी सारी...!!


रहन सहन अपना 

अब तू सादा कर दे...!

देर ना कर बाबुल 

अब तू विदा कर दे...!!


छूट जाने दे तेरी उंगली 

से मेरे हाथ को...!

टूट जाने दे उन मासूम 

खिलौनों के साथ को...!!


नजदीकियाँ मुझसे थोड़ी 

अब तू ज्यादा कर दे...!

देर ना कर बाबुल 

अब तू विदा कर दे...!!

       

  


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