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Amit Kumar

Abstract

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Amit Kumar

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वेदना

वेदना

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वो जो वेदना 

तुम्हारे भीतर

निहित अक्षरों के

संवादों का

अर्थ बनकर उभरी थी

उस वेदना को मैंने

अपना लिया है अब

उन अक्षरों के ज्ञान को

स्वयं में निहित कर

मैं तुम्हारा

और मेरा मिलाकर

कुछ हमारा बनाने की

यथावत कोशिश में जुटा हूँ।

       


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