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Abhishek Goyat

Romance

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Abhishek Goyat

Romance

उस गली में

उस गली में

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आदत है चलने की उस गली में 

उस शहर की उस गली में

सोहबत है तेरे साए की उस गली में 

उस शहर की उस गली में

     

करामातें है हुस्न की

रंगतें है चेहरे की

उस शहर की उस गली में

नज़राना पेश किया उसने

हर्जाना चुकाया मैंने

उस शहर की उस गली में

    

कल का दिन जो बीता

आज का दिन जो बीते

उस शहर की उस गली में

आने वाले दिनों में 

खड़ा मिले मुझे वो वहीं

उस शहर की उस गली में

               


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