उड़ान
उड़ान
हौसलों की उड़ान भरते भरते मेरे पंख थक गए
मंजिल ना मिली मुझे मेरे सपने दफन हो गए
कर थोड़ी हिम्मत और सब्र मै फिर उड़ना चाहूंगा
आसमान से एक दिन चांद को तोड़ कर लाऊंगा।
हौसलों की उड़ान भरते भरते मेरे पंख थक गए
मंजिल ना मिली मुझे मेरे सपने दफन हो गए
कर थोड़ी हिम्मत और सब्र मै फिर उड़ना चाहूंगा
आसमान से एक दिन चांद को तोड़ कर लाऊंगा।