STORYMIRROR

Sankeerthi Kasibhatla

Romance

1  

Sankeerthi Kasibhatla

Romance

तू ही मेरा यार है

तू ही मेरा यार है

1 min
688

वो छोटे लम्हे जो मुझमें मुस्कुराते हैं

वो बीते पल जो मेरे सारे ग़म भुलाते हैं

वो तू ही है...

जाने कहाँ से आयी थी

जाने मुझे कहाँ ले जा रही है,

मेरे सारे दुःखों को दूर करती है तू

मेरे सरे खफाओं को मिटाती है तू,

तू ही मेरा यार है

तू ही मेरा संसार है।


समुंदर में डूब रही थी मैं

मेरी साँसें थम सी गईं थीं

रह गया था न कुछ उम्मीद

कुछ था तो सिर्फ तुम्हारा साथ

वो तुम ही थे...

जो सूरज की किरणों सी एक नयी उम्मीद की नाव ले आयी

मेरी साँसों को मुझे वापस लौट आयी

तू ही मेरा यार है

तू ही मेरा संसार है।


इन करोड़ों लोगों की भीड़ में

तुम मुझे कहीं न कहीं ढूंढ ही लेती हो

मेरा साथ कभी न छोड़ती

मेरी सच्ची वाली दोस्त तुम ही तो हो !

वो तुम ही हो…

गम में बीते पल और ख़ुशी की सारी यादें है जिसके साथ मेरे,

तू ही मेरा यार है

तू ही मेरा संसार है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Sankeerthi Kasibhatla

Similar hindi poem from Romance