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tanuj tapas

Abstract Romance

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tanuj tapas

Abstract Romance

तुम ही तुम

तुम ही तुम

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हर दिन मैं पास तेरे आता गया,

हर लम्हे में तुझको मैं पाता गया।


बिना जाने मैं अपनी तकदीर को,

खुद को मैं तेरा बनाता गया।


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