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Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Abstract

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Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

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तुलसी का पौधा

तुलसी का पौधा

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अभी अभी प्रस्फुटित हुआ हूँ,

मैं तुलसी का पौधा हूँ।

अपने बारे में बतलाने,

आपके समक्ष मैं आया हूँ।


क़द मेरी बस दो फ़ुट की,

ख़ुश्बू है समाया हुआ।

हर हिंदू के घर में मैं हूँ,

पाया और पूजा गया।


पत्ते मेरे बड़े काम की,

औषधीय और आध्यात्मक भी।

मृत्यु शैय्या के मुख में पड़कर,

पहुँचाए परलोक भी।


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