STORYMIRROR

Gupta Swati 12

Romance

3  

Gupta Swati 12

Romance

तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

1 min
293

तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

बस मुझे यूँ ही चाहते रहना,


तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

जिंदगी चाहे दो पल की ही क्यों न हो,


तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

मेरे साथ तुम सदा रहना,


तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

तुम हो तो जिंदगी है साथ है,


तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

जब तक तू रहे बस इतनी ही


तुझसे ज्यादा नही माँगती हूँ

बन गए हो तुम मेरी धड़कन

अब कैसे रहूंगी मैं अपने धड़कन के बिना।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance