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Ervivek kumar Maurya

Abstract

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Ervivek kumar Maurya

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तुझे प्यार करता हूँ

तुझे प्यार करता हूँ

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तुम सही कह रहे हो

मैं तुझे जानता नही

तुम सही कह रहे हो 

मैं तुझे मानता नहीं


जरा अपने दिल से पूछो सनम

मैं कितनी मोहब्बत करता हूँ

कोई भी करे मुझपे लाखों सितम

फिर तेरे खातिर ही सब सहता हूँ


इससे ज्यादा तुम्हें और क्या हम बतायें

कि तुमसे कितना मैं प्यार करता हूँ

तुम गलत कह रही हो

तुम्हें कुछ खबर ही नही है


मैं रब से भी ज्यादा तुझे पूजता हूँ

तुम मिलो या न मिलो 

बस तेरा इंतजार करता हूँ

मैं तुझसे भी ज्यादा तुझे प्यारा करता हूँ


साँसों पे है नाम तेरा और दिल पे भी है

वादे भी तुझसे और कसमें भी हैं

संग मेरे तुम चलो हमसफ़र बनो


मेरे चेहरे की ख़ुशी और संगिनी तुम बनो

तू सदा खुश रहे यही दुआ करता हूँ

मैं तुझसे भी ज्यादा तुझे प्यार करता हूँ


मेरी वफ़ा तुम ,मेरी सादगी हो

मेरी सदा तुम,मेरी जिंदगी हो

मेरे इश्क की पहली सुबह

रात भी आखिरी हो

मैं खुद को आईना बना तुझे देखा करता हूँ

मैं तुझसे भी ज्यादा तुझे प्यार करता हूँ


बड़ा मुश्किल है तुझे भूल जाना

वो तेरे साथ रहना तुझे आगोश में लाना

किस कदर है मोहब्बत तुझको दिखलाऊँ मैं


तेरी चाहत में खुद को भी मिटा जाऊँ मैं

अब न होगा मेरा तुझ बिन जिंदगी का गुजारा

तेरे लिए ही प्रेम बाँसुरी बजाया करता हूँ

मैं तुझसे भी ज्यादा तुझे प्यार करता हूँ।


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