STORYMIRROR

D.J Tech

Abstract Inspirational

2  

D.J Tech

Abstract Inspirational

तकलीफें

तकलीफें

1 min
155

है अगर लिखने का भाव

तो सारा श्रेय तुम्हारा है

तुम से ही है अपनी "जिंदगी"

"चाहत "भी तो तुमने ही सँवारा है


उतर आओ तुम मेरी लेखनी में

"प्रिय" बनकर

मैं तुम्हारी "प्रिया" बन जाऊं

क्योंकि तुम से ही तो

मेरे जीने का सहारा है


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract