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अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

Abstract

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अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

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तिरंगे के तीन रंग , हैं हमारी शान

तिरंगे के तीन रंग , हैं हमारी शान

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तिरंगे के तीन रंग, हैं हमारी शान

बीच में जो चक्र है, है हमारा अभिमान

तिरंगे को आओ, मिल करें सलाम

तिरंगे से ही है, देश ये महान


तिरंगे पर क्यूं न हो, हमको अभिमान

गौरवशाली इतिहास इसका, देश की ये शान

किसी को भी हक नहीं, करे इसका अपमान

देश की धरोहर है यह, पाक है इसकी शान


जन – गण – मन से होती, तिरंगे की शान

फूंकता है जन – जन में, देश हित बलिदान

तिरंगे से होता, वीर शहीदों का सम्मान

कभी न झुकने देना, तिरंगे की आन – बान


तिरंगा देता है, आगे बढ़ने का महामंत्र ज्ञान

सिखाता है भाईचारा, त्याग और बलिदान

तिरंगे को आओ मिल, सब करें नमन

मिटायें दूरियां दिलों की, एकता का लें प्रण


तिरंगे के तीन रंग, हैं हमारी शान

बीच में जो चक्र है, है हमारा अभिमान

तिरंगे को आओ, मिल करें सलाम

तिरंगे से ही है, देश ये महान।


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