Sudhir Srivastava
Inspirational
तहरीर में जो लिखा
जीवन की तहरीर में जो लिखा है
उसे स्वीकारना तो पड़ेगा ही,
मगर उठिए और ठान लीजिए
अपने कर्मों से उसे बदलने का
निश्चय कर आगे बढ़िये,
तहरीर में जो लिखा है बदल डालिए।
चौपाई
दोहा
फायकू-सतगुरु ...
फायकू-होली
चौपाई छंद - श...
फायकू - वो का...
जो जज्बात गुजर गये दिल पर दस्तक दिये बगैर उन्हें फिर से दिल के आँगन में बुलाना सीख रही जो जज्बात गुजर गये दिल पर दस्तक दिये बगैर उन्हें फिर से दिल के आँगन में बुलान...
प्रकृति सौंदर्य पर शब्द लिख पाऊँ बिखेरे सारे शब्द सँजोऊँ प्रकृति सौंदर्य पर शब्द लिख पाऊँ बिखेरे सारे शब्द सँजोऊँ
सोच लो कि कांटे हैं गुलाब में या कि कांटो में गुलाब है। यह तो मर्जी तुम्हारी है। सोच लो कि कांटे हैं गुलाब में या कि कांटो में गुलाब है। यह तो मर्जी तुम्हा...
दिल से नफरत मिटाना नए साल में। दिल से दिल को लगाना नए साल में। दिल से नफरत मिटाना नए साल में। दिल से दिल को लगाना नए साल में।
याद है ना तुमको मुझे भूलने की आदत है तुमने ही कहा था..! याद है ना तुमको मुझे भूलने की आदत है तुमने ही कहा था..!
उसके लिये हर वक्त रहता है, सवेरा कर्मवीर हेतु, संजीवनी बूटी है, सवेरा उसके लिये हर वक्त रहता है, सवेरा कर्मवीर हेतु, संजीवनी बूटी है, सवेरा
अक्सर अनमोल खजानों को ढूंढ़ने का सफर , अक्सर अनमोल खजानों को ढूंढ़ने का सफर ,
मेरा मन चाहता है... इन फूलों की तरह मुस्कुराना। मेरा मन चाहता है... इन फूलों की तरह मुस्कुराना।
कुछ दुख – दर्द के साथ चलो करते हैं हम नई शुरुआत। कुछ दुख – दर्द के साथ चलो करते हैं हम नई शुरुआत।
मैं, मैं हूँ, हाँ मैं... मैं ही तो हूँ! मैं, मैं हूँ, हाँ मैं... मैं ही तो हूँ!
आज भी एकाग्र नहीं कर पा रही हूँ स्वयं को गहरे गड़ी यादों की जड़े मानो अतल तक हो आज भी एकाग्र नहीं कर पा रही हूँ स्वयं को गहरे गड़ी यादों की जड़े मानो अतल तक हो
हाँ ये सच है आज करवट लिये तूफान है पर ये मत समझो हम बेजान हैं। हाँ ये सच है आज करवट लिये तूफान है पर ये मत समझो हम बेजान हैं।
हर पल लालायित ही रहता है, तलाश करता है, फिर कुछ नयी किताबें। हर पल लालायित ही रहता है, तलाश करता है, फिर कुछ नयी किताबें।
प्रेरणा से भरा मन हो सदैव हम सभी का। प्रयोग में केवल सहयोग हो सदैव हम सभी का।। प्रेरणा से भरा मन हो सदैव हम सभी का। प्रयोग में केवल सहयोग हो सदैव हम सभी का।...
अपराजिता हूँ,अपराजिता रहूं मैं है नहीं मेरा सपना और कोई। अपराजिता हूँ,अपराजिता रहूं मैं है नहीं मेरा सपना और कोई।
कभी करते हैं हम इनकार तो कभी कर लेते हैं इकरार।। कभी करते हैं हम इनकार तो कभी कर लेते हैं इकरार।।
उनके अथक प्रयासों से ही हम भी प्रगति पाते हैं। इसीलिए तो पावन पटल को उनकी याद से सजात उनके अथक प्रयासों से ही हम भी प्रगति पाते हैं। इसीलिए तो पावन पटल को उनकी या...
ऐसे ही ज़माने को ,अपने साथ लिए चल , बेखबर सी ज़िन्दगी के ,ना जाने कितने पल ? ऐसे ही ज़माने को ,अपने साथ लिए चल , बेखबर सी ज़िन्दगी के ,ना जाने कितने पल ?
नव वर्ष पर फ़र्श से लेकर अर्श तक सभी खूब आनंद उठाते हैं। नव वर्ष पर फ़र्श से लेकर अर्श तक सभी खूब आनंद उठाते हैं।
नया साल पहला दिन नई शुरुआत नई मैं। नया साल पहला दिन नई शुरुआत नई मैं।