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Naatiq Ansaar

Romance

2.6  

Naatiq Ansaar

Romance

तेरी बात

तेरी बात

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वह जो तेरी अदा है मुझे एक आंख नहीं भाती

सुनकर तेरी बातें नींद नहीं आती।।

वह तेरा इठलाना, झूठ बोलना और राज को छुपाना 

ये सारी बातें मुझको और गुस्सा दिलाती।।

सुनकर बहाना और छुप छुप कर तेरा मुस्कुराना

मुझको ले जाते हैं तुम से दूर

कितना अच्छा हो कोई राज ने छुपाती।। 


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