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Hardik Mahajan Hardik

Romance

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Hardik Mahajan Hardik

Romance

तेरे पीछे पीछे

तेरे पीछे पीछे

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तेरे पीछे पीछे चलता रहूँगा,

काफ़िला रुक जाए गर तेरा 

साथ ना छोडूँगा।

मंज़िल की तरह तर्ज नहीं करूँगा,

अर्ज की रज़ा तेरी मैं जीवन में लिखूँगा ।

महकना ना तुम मुझें देख कर,

तेरे सारे शिकवें बेवफ़ा होकर भी पास रखूँगा।

कितनी भी हो देरी देर तक तेरी 

आँखों को तेरी यादों में बसा कर रखूँगा।

साँझ ढ़ल जाए गर तो सुबह का 

सूरज की किरणों से तुम्हारी हँसी को चुराऊँगा।


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