STORYMIRROR

UMA PATIL

Romance

2  

UMA PATIL

Romance

तेरे दर पे

तेरे दर पे

1 min
459

मैं तुम्हारे दर पे 

आज आयी हूं।

मेरी आखिरी सांस

अब बची हुयी है।


अगर तुम नहीं दिखे तो

आखरी सांस भीं नहीं 

ले पाऊंगी

इतना कहकर

उसने प्राण

त्याग दिया।


फिर भी उसे

रहम नहीं आया

क्या फायदा ऐसी

मोहब्बत का जो

मरने के लिए भी

वक्त ना निकाले।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance