Abhishek Singh
Comedy
अगर मैं Emergency
का Patient प्रिये,
तो तुम Ambulance
की PCR हो।
कैसे भी कर के
Time पे आ जाओ,
जब मुझे तुम्हारा
इंतज़ार हो।
विश्वास
उसकी चुनरी..!
एक रात दे रहा...
वो जो ख़फ़ा ह...
समुद्र एक कवि...
मेरा कुछ सामा...
एक और दामिनी
जय जवान जय कि...
महामारी
कोरोना वारियर...
ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की! ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की!
रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाये/ चीखे रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाय...
वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन। वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन...
बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ करते है पर बच्चों की खुशी किसमें है यही पुछना हमेशा बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ करते है पर बच्चों की खुशी किसमें है यही पु...
एक पहुंचे हुए संत प्रवचन सुना रहे थे "अज्ञानी" जनता को "मोक्ष" सिखला रहे थे। एक पहुंचे हुए संत प्रवचन सुना रहे थे "अज्ञानी" जनता को "मोक्ष" सिखला रहे थे...
जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया। जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया।
चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए। चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए।
ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर। ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर।
शर्मा जी की घरवाली को एक दिन मिला बड़ा खज़ाना, बोले शर्मा जी क्या है यह माजरा ज़रा हमे शर्मा जी की घरवाली को एक दिन मिला बड़ा खज़ाना, बोले शर्मा जी क्या है यह माजरा...
आपके टिकट का अग्रिम अनुबंध हो गया है। बस! अब आप तैयारी कीजिए। आपके टिकट का अग्रिम अनुबंध हो गया है। बस! अब आप तैयारी कीजिए।
अभी अभी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोन मेरे पास आया। अभी अभी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोन मेरे पास आया।
द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती। द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती।
बिना कविता सुनने के कोई और मार्ग है क्या? बिना कविता सुनने के कोई और मार्ग है क्या?
हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं. हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं.
वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे। वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे।
बादल को प्रतीक बनाकर वर्तमान परिवेश पर चोट करता एक गीत बादल को प्रतीक बनाकर वर्तमान परिवेश पर चोट करता एक गीत
रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो, रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो,
निष्ठुर भाव से उन्होंने मना कर दिया फिर मैंने इस तरह आने का कारण पूछा निष्ठुर भाव से उन्होंने मना कर दिया फिर मैंने इस तरह आने का कारण पूछा
साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते। साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते।