Abhishek Singh
Comedy
अगर मैं Emergency
का Patient प्रिये,
तो तुम Ambulance
की PCR हो।
कैसे भी कर के
Time पे आ जाओ,
जब मुझे तुम्हारा
इंतज़ार हो।
विश्वास
उसकी चुनरी..!
एक रात दे रहा...
वो जो ख़फ़ा ह...
समुद्र एक कवि...
मेरा कुछ सामा...
एक और दामिनी
जय जवान जय कि...
महामारी
कोरोना वारियर...
एक तुम्ही अध्यक्ष जी अंतिम मोर सहाय ।। एक तुम्ही अध्यक्ष जी अंतिम मोर सहाय ।।
दौड़ा दौड़ा के तुम हो तकाते मगर पकड़ में न तुम आते दौड़ा दौड़ा के तुम हो तकाते मगर पकड़ में न तुम आते
लीला जी तो सगी बुआ हैं मन में लड्डू फूटे एक भतीजा ही है मेरा शादी कैसे छूटे लीला जी तो सगी बुआ हैं मन में लड्डू फूटे एक भतीजा ही है मेरा शादी कैसे छूटे
आज बहुत मिस करते है दोस्त तुझे इतनी नकली हँसी के बीच एक तू ही तो सच बोलता था आज बहुत मिस करते है दोस्त तुझे इतनी नकली हँसी के बीच एक तू ही तो सच बोलता था
उनकी यह अदा भी बहुत प्यारी थी, पर मेरे लिए न्यारी थी, रूठने से उनके सूनापन सा लगता था उनकी यह अदा भी बहुत प्यारी थी, पर मेरे लिए न्यारी थी, रूठने से उनके सूनापन स...
हम तो यूँ हीं बैठे थे और उनसे गलती से दोस्ती हो गई. हम तो यूँ हीं बैठे थे और उनसे गलती से दोस्ती हो गई.
जब हुई थी सगाई, अंगूठी एक है आई, आप वो ही उपहार समझ कर डाल लेना जब हुई थी सगाई, अंगूठी एक है आई, आप वो ही उपहार समझ कर डाल लेना
काम निकालो, बड़ी जुगत से, पाछे से भग आओं काम निकालो, बड़ी जुगत से, पाछे से भग आओं
चिल्लाकर जोर से बोलूं कान में तो अनसुनी बात में ही वो ठहाका भरती। चिल्लाकर जोर से बोलूं कान में तो अनसुनी बात में ही वो ठहाका भरती।
चौथी आंख से सामाजिक परंपराएं निभाती है चौथी आंख से सामाजिक परंपराएं निभाती है
तौलिया बिस्तर पर ही नज़र आयेगा तुम्हारा मौजें ढूंढ -ढूंढ कर थकोगे पछताओगे यारा तौलिया बिस्तर पर ही नज़र आयेगा तुम्हारा मौजें ढूंढ -ढूंढ कर थकोगे पछताओगे यार...
ए कोरोना तूने ये क्या कर दिया । हर एक मेरी प्यारी चीज को सनम ने सेनिटाइज कर दिया।। ए कोरोना तूने ये क्या कर दिया । हर एक मेरी प्यारी चीज को सनम ने सेनिटाइज क...
इसको पकड़ना बड़ा कठिन छुप जाता है कहीं कोने में। इसको पकड़ना बड़ा कठिन छुप जाता है कहीं कोने में।
प्यारा मीठा स्वभाव है उसका, ऐसा रिश्ता निभाती है!! खुद नाराज़ होने पर भी मुझे मनाती , प्यारा मीठा स्वभाव है उसका, ऐसा रिश्ता निभाती है!! खुद नाराज़ होने पर भी मु...
सम्पूर्ण कविता को आकार दिया सुंदरता का अद्भुत रूप बनाया ! सम्पूर्ण कविता को आकार दिया सुंदरता का अद्भुत रूप बनाया !
मेरी सांसे अटक गई, कि फूटेगा कोई पटाखा सा। मेरी सांसे अटक गई, कि फूटेगा कोई पटाखा सा।
ये तो दुनिया ही है अजब, इसमें राजीव तू फिट होगा कब। ये तो दुनिया ही है अजब, इसमें राजीव तू फिट होगा कब।
कभी प्यादे से कभी घोड़े से कभी राजा से रानी हार गई। कभी प्यादे से कभी घोड़े से कभी राजा से रानी हार गई।
कभी शांत हो भाव से, कभी रूप विकराल।। कभी शांत हो भाव से, कभी रूप विकराल।।
समय पर खाना पीना भी भूल गए , पता नहीं क्यों हमारे स्कूल खुल गए। समय पर खाना पीना भी भूल गए , पता नहीं क्यों हमारे स्कूल खुल गए।