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कबीर Kabir

Romance

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कबीर Kabir

Romance

तारीफ़

तारीफ़

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हसीन इतना कि उसको देखते ही इश्क़ हो जाए

हुस्न ऐसा कि जिसपे चांद को भी रश्क हो जाए


वो जब आए तो साथ उसके बहारें झूम कर आए

वो जो जाए तो मौसम बारिशों का ख़ुश्क हो जाए।


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