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Kalpesh Vyas

Abstract

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Kalpesh Vyas

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तारीफ हमने की !

तारीफ हमने की !

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चाँदनी की तारीफ़ हम ने की 

चाँद के आगे तारीफ़ हम ने की 

सुन के तारीफ शरमा गया 

लगता है चाँद भरमा गया


छाया की तारीफ हम ने की 

सूरज के आगे तारीफ हम ने की 

पहले तो मामला गरमा गया 

सूरज भी बाद में भरमा गया


तितली की तारीफ हम ने की 

गुलाब के आगे तारीफ हम ने की 

गुलाब का फूल भी भरमा गया 

सुनो वो फूल भी शरमा गया


रानी की तारीफ हम ने की 

राजा के आगे तारीफ हम ने की

राजा भी देखो भरमा गया 

ईनाम हमें कोई फरमा गया 


महबूब की तारीफ हम ने की 

इन सब के आगे तारिफ हम ने की 

नज़र झुका कर शरमा गया 

महबूब मेरा भी भरमा गया।


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