तारे
तारे
आसमां मे तारे बहुत है
एक आधा टूटा तोह उसका कुछ नहीं जाता
बनना है तो सूरज बनो
सब के पास रहो
प्रज्वलित करो ज्ञान की रोशनी
तब आसमान को तुम्हारी फ़िक्र होने शुरू होंगी
आसमां मे तारे बहुत है
एक आधा टूटा तोह उसका कुछ नहीं जाता
बनना है तो सूरज बनो
सब के पास रहो
प्रज्वलित करो ज्ञान की रोशनी
तब आसमान को तुम्हारी फ़िक्र होने शुरू होंगी