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Ankit Purohit

Romance

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Ankit Purohit

Romance

सुकून का एहसास

सुकून का एहसास

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जब पृथक हो तुमसे ,

समझ तुम्हें अपनी कमज़ोरी,

इस राह पर अकेला चल पड़ा


वो आँचल तुम्हारा ,

हर ग़म के थपेड़े से बचाने

चेहरे पर मेरे पड़ा


ना गर्मी , ना धूल, न तपते रेगिस्तान के शूल

बस एक शीतल एहसास में था मशगूल

वो आँचल तुम्हारा, वो स्पर्श....

ऐसा था उसका सुकून


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