STORYMIRROR

Satyendra Singh Rathore

Romance

3  

Satyendra Singh Rathore

Romance

सुकून हो तुम

सुकून हो तुम

1 min
152

कभी गुस्सा ना होना तू किसी बात पर

शब्द नहीं बता सकते तेरी अहमियत

ये दिल धड़कता है तेरे लिए

साँसे रुक जायेगी तेरे बिना

मेरी रूह का सुकून हो तुम

जीवन जीने का जुनून हो तुम


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance