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Jai Prakash Pandey

Drama

3  

Jai Prakash Pandey

Drama

सुगबुगाहट

सुगबुगाहट

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खबर ही ऐसी थी 

कि सांप लोट गया था,

अंधेरा सा छा गया था,

खबर ने बेखबर किया था,


गंजी धुआँ देकर लाल हुई,

आंधी से सांकल बजती रही,

स्कूल की क्यूं छुट्टी हो गई,

गांव में क्यूं सनसनी फैली,


दिद्दी कयूं अनमनी हो गई,

कहीं कुछ जरूर ही हुआ है,

गरीब की बेटी ने साफ कहा है 

अबार्सन से मना कर दिया है, 


जमींदार का बेटा परेशान है, 

उसकी इज्जत का सवाल है।


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