STORYMIRROR

रश्मि संजय (रश्मि लहर) श्रीवास्तव

Inspirational

4  

रश्मि संजय (रश्मि लहर) श्रीवास्तव

Inspirational

सृजनशील कृषक

सृजनशील कृषक

1 min
294

कर्मठ और सृजनशील कृषक..

धूप में झुलसते..

 सपनों की चिन्ता किये बगैर

अपने बेचैन यर्थाथ से जूझता हुआ..

समर्पित होता रहता है..

अपने संघर्ष के समक्ष..

मन में भरकर..

आकर्षित उम्मीदों का सुन्दर परिदृश्य!

जीत जाता है कड़वी कठिनाइयों से!

वो प्रफुल्लित हो उठता है..

प्रकृति की उर्वरक सुगन्ध पाकर

सजाता जाता है..

अपने श्रम के अनुभवों से

विचारों की गलियाँ !

हार नहीं मानता परिस्थितियों से..

जोतता जाता है अपने पसीने से..

देश के उन्नत भविष्य के लिए..

सार्थक फसलों का खेत!

भले उसको आश्रय देती रहे..

किनारे की धरती पर पड़ी रेत!

मिलाकर संवेदनशील और कर्मठ 

विचारों की खाद..

पोषित करता जाता है..

सहज भाव से वो सम्पूर्ण परिवेश!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational