STORYMIRROR

रश्मि संजय (रश्मि लहर) श्रीवास्तव

Inspirational

4  

रश्मि संजय (रश्मि लहर) श्रीवास्तव

Inspirational

दिव्यांग पीढ़ी की उत्पत्ति

दिव्यांग पीढ़ी की उत्पत्ति

1 min
334

कितना आसान है 

तुम्हारे लिये ....

नव-रसों में भीगे भावों को 

झकझोर कर ...

अपनी पैनी निगाहों से टटोलकर 

उधड़ने की प्रक्रिया से 

गुजरने वाली स्त्री पर 

कुछ जुमले उछाल देना ....


कितना सहज है 

टूटी हुई स्त्री का 

बार-बार शब्दों से 

अपमान करना ....

उसके स्त्रीत्व को कोंचना .....


काश ! तुम समझ पाते कि 

हर लताड़े गये दिन पर 

हावी होता है ..

एक घिसटती हुई आत्मा का 

रिसता हुआ जख्म !

जो.. 

जाने कितनी पीढ़ियों को 

बना देता है ...

मानसिक रूप से अपंग !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational