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Pawanesh Thakurathi

Abstract

3  

Pawanesh Thakurathi

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सरिता

सरिता

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सरिता बहती ज्ञान की,

तुम लगाओ गोता।


अवसर जाये हाथ से,

तब रहेगा रोता।


तब रहेगा रोता,

बन जायेगा अज्ञानी।


गायेगा दुखभरी,

अपनी असफल कहानी।


कहै पवन कविराय,

ज्ञान बिन जीवन रीता।


लगाओ झट डुबकी,

बहती ज्ञान की सरिता।


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