STORYMIRROR

Gajendra Singh

Action

4  

Gajendra Singh

Action

सरहदें

सरहदें

1 min
585

जवानों के प्राणों के

बलिदान की कहानी है, 

ये सरहदें।


इंसानो के हैवानियत की

निशानी है,

ये सरहदें।


कई घरों के

तबाही की कारण है,

ये सरहदें।


आखिर क्यूँ है ?

ये सरहदें।


कभी सोचता हूँ,

मातृभूमि के रक्षण की

प्रतीक है, 

ये सरहदें।


कभी सोचता हूँ

विजय-पराजय के लिए

लड़ी जाने वाली रण भूमि है,

ये सरहदें।


आखिर क्यूँ है ?

ये सरहदें।


जवानों के शरीर से

बहे कतरे-कतरे

रक्त की कर्जदार है,

ये सरहदें।


कभी सोचता हूँ,

बंदिश-ए-इख़्तियार

का अन्जाम है,

ये सरहदें।


आखिर क्यूँ है ?

ये सरहदें।


कभी सोचता हूँ,

मानव द्वारा निर्मित

शांति-अमन की प्रतीक है,

ये सरहदें।


कभी सोचता हूँ,

खुदा द्वारा दिया गया

खूबसूरत-सी नज़्म है,

ये सरहदें।


आखिर क्यूँ है ?

ये सरहदें।


कायनात में लोगों के

अधूरी मुराद की तशरीह है,

ये सरहदें।


धरती माता के सीने पर

खींची हुई एक लकीर है,

ये सरहदें।


आखिर क्यूँ,

क्यूँ, क्यूँ है ?

ये सहरदें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action