STORYMIRROR

Gajendra Singh

Inspirational

3  

Gajendra Singh

Inspirational

बस तू आगे बढ़ता जा

बस तू आगे बढ़ता जा

1 min
488

ये तन्हाई का आलम है, मेरे दोस्त खुल कर जी इसे

ना मिले तो ना सही पर हँस कर जी इसे।


छोड़ दे सारे चिंतन तू, थाम ले उस मंजिल का रास्ता

चलता जा-बस तू आगे चलता जा,

उमड़-घुमड़ कर बढ़ता जा।


ना कर परवाह तू अपनी मंजिल प्राप्ति की

लिखता जा बस तू लिखता जा इतिहास इस काल के

कपाल पर बस तू लिखता जा इतिहास।


ना कर चिन्तन तू आपनी सफलता की

ना मिले तो ना सही, बस तू आगे बढ़ता जा।


कर अपने हौसलों को बुलन्द, निडर होकर चलता जा

इस घने अंधकार में अपने दीप बिखेरता जा।


बस तू आगे बढ़ता जा, बस तू आगे बढ़ता जा 

ना कर चिन्तन तू अपनी सुख प्राप्ति का

अपने आप से लड़ता जा बस तू आगे बढ़ता जा। 


जिंदगी अभी अधुरी है, संकल्प भी अधुरा है

गिर कर-संभल कर चलता जा, बस तू आगे बढ़ता जा।


एक दिन सितारा फिर झिलमिलायेगा,

नया सेवरा फिर आएगा

उस दिन लोग तुझे तेरे उस इतिहास से

जानेंगे जहाँ सिर्फ तू ही तू नजर आएगा।


बस तू लड़ता जा मुस्कुराता जा,

बस तू आगे बढ़ता जा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational