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Meghna Debroy

Romance

3  

Meghna Debroy

Romance

सफर

सफर

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खामोशियाँ ने सुने अल्फ़ाज़ अनकहे,

मिले है हम रीती रिवाजों से परे ,

महसूस करके सांसो को ऐ सनम, 

हो गयी है मोहब्बत खुद से इस तरह, 


खूबसूरत हो गए आईने हमारे,

बयां करने लगे इशारे तुम्हारे ,

थाम के हाथ सफर में ऐ सनम,

हो गयी है आसान मंज़िल की डगर !


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