STORYMIRROR

Mrs. Smita Vijay Shinde

Inspirational

3  

Mrs. Smita Vijay Shinde

Inspirational

"संस्कार"

"संस्कार"

1 min
246

दूसरों के संस्कारों पर बोलने से पहले 

जरा खुद में झांका कीजिए।


झूठी कसमें ली जा सकती है

लेकिन उस व्यक्ति की कीमत

अपने अंतःकरण से पूछ लीजिए।


अच्छाई का दिखावा

दुनिया के सामने हो सकता है साहब,

"खुद कैसे हो" दिल के आईने से देख लीजिए।


कुछ सबूत भगवान भी रखा करता है,

जरा भगवान से भी डरा कीजिए।


भगवान के लाठी में आवाज नहीं होती।

कछुए की चाल से ही सही, पर जीत

हमेशा सच की ही होती है साहब!

अब तो यह मान लीजिए।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational