Mrs. Smita Vijay Shinde
Children
मेरा तो है यह मानना,
जन्मदिन क्यों खुशी से मनाना
कम हो जाता है खूबसूरत एक साल जिंदगी का,
कहां से लाएंगे हम हर एक को बिता लम्हा खुशी का?
बच्चों को तो मिलता है इसी दिन खजाना,
नए कपड़े, केक, उपहार और दोस्तों संग नाचना गाना।
पैसा
जहरीला धुआ
बुढ़ापा
परवरिश
अमीरी
जन्मदिन
प्रेम और कोरो...
"संस्कार"
जो भी हूँ, तुझसे हूँ!! माँ,बता तेरे लिए क्या लिखूं? जो भी हूँ, तुझसे हूँ!! माँ,बता तेरे लिए क्या लिखूं?
भैया सुंदर सा रोबोट दिला दो। बस माॅ॑ग मेरी यह पूरी कर दो। भैया सुंदर सा रोबोट दिला दो। बस माॅ॑ग मेरी यह पूरी कर दो।
चाय –कॉफी नहीं चाहिए, ठंडा दूध पिएंगे शरबत लाओ ,लस्सी लाओ ,हम तो जूस पिएंगे। चाय –कॉफी नहीं चाहिए, ठंडा दूध पिएंगे शरबत लाओ ,लस्सी लाओ ,हम तो जूस पिएंगे।
पहले थी गर्मी कुछ ऐसी, जिसमें था घूमना फिरना अब गर्मी कुछ ऐसी है। पहले थी गर्मी कुछ ऐसी, जिसमें था घूमना फिरना अब गर्मी कुछ ऐसी है।
आओ मिलकर धरा सजाए पृथ्वी को पावन बनाएं। आओ मिलकर धरा सजाए पृथ्वी को पावन बनाएं।
बचपन पल्लवित हो पुष्पित होता, दुलार और माॅ॑ का गहरा है नाता। बचपन पल्लवित हो पुष्पित होता, दुलार और माॅ॑ का गहरा है नाता।
जब डर जाता हूं, दुनिया से तो, खुद को, तेरी गोदी में, समेट लेता हूं, जब डर जाता हूं, दुनिया से तो, खुद को, तेरी गोदी में, समेट लेता हूं,
इंसान नहीं हु मैं इंसान जैसा हूं तुम्हारी खुशियों के लिए मैं तत्पर रहता हूं। इंसान नहीं हु मैं इंसान जैसा हूं तुम्हारी खुशियों के लिए मैं तत्पर रहता हूं।
भूखे प्यासे हर प्राणी का, मां पेट सदा ही भरती है। भूखे प्यासे हर प्राणी का, मां पेट सदा ही भरती है।
रत रहती हूँ सुबह और शाम, तितली रानी सब लेते नाम। रत रहती हूँ सुबह और शाम, तितली रानी सब लेते नाम।
और इतवार की शाम ये घर बात नहीं करता । और इतवार की शाम ये घर बात नहीं करता ।
माँ से मेरा रिश्ता बड़ा ही निराला मैं थोड़ा नटखट माँ को हूँ प्यारा। माँ से मेरा रिश्ता बड़ा ही निराला मैं थोड़ा नटखट माँ को हूँ प्यारा।
सिर्फ हम ही नहीं है परेशान बच्चे भी है परेशान ! सिर्फ हम ही नहीं है परेशान बच्चे भी है परेशान !
एक डाल पर बैठे छोटी बुलबुल गुनगुन गुनगुन कुछ गाती है ।। एक डाल पर बैठे छोटी बुलबुल गुनगुन गुनगुन कुछ गाती है ।।
इसीलिए सदैव इससे दूरी होनी चाहिए बरकरार। इसीलिए सदैव इससे दूरी होनी चाहिए बरकरार।
महके इससे घर-आंगन मेरा छोटा सा बगीचा मेरा। महके इससे घर-आंगन मेरा छोटा सा बगीचा मेरा।
उसे हम कहते हैं मां जिसके कदमों में बसता हैं हर बच्चे का जहां। उसे हम कहते हैं मां जिसके कदमों में बसता हैं हर बच्चे का जहां।
तोड़ दिया अंकुरित फूल उसने प्यास मिटाने को तोड़ दिया अंकुरित फूल उसने प्यास मिटाने को
पड़े गुरु की कृपादृष्टि तो मिले सन्मार्ग और हो उद्धार पड़े गुरु की कृपादृष्टि तो मिले सन्मार्ग और हो उद्धार
खुले आसमान में उड़ना सीखाने के लिए थैंक यू मां, मुझे एक अच्छा इंसान बनाने के लिए। खुले आसमान में उड़ना सीखाने के लिए थैंक यू मां, मुझे एक अच्छा इंसान बनाने के ...