Mrs. Smita Vijay Shinde
Children
मेरा तो है यह मानना,
जन्मदिन क्यों खुशी से मनाना
कम हो जाता है खूबसूरत एक साल जिंदगी का,
कहां से लाएंगे हम हर एक को बिता लम्हा खुशी का?
बच्चों को तो मिलता है इसी दिन खजाना,
नए कपड़े, केक, उपहार और दोस्तों संग नाचना गाना।
पैसा
जहरीला धुआ
बुढ़ापा
परवरिश
अमीरी
जन्मदिन
प्रेम और कोरो...
"संस्कार"
आनंद से लेट कर नर्म, हरी घास पर आसमां में पतंगों के दाँव-पेच देखते हैं आनंद से लेट कर नर्म, हरी घास पर आसमां में पतंगों के दाँव-पेच देखते हैं
एक दिन खेला ऐसा खेला गुड़िया का गला दबा डाला एक दिन खेला ऐसा खेला गुड़िया का गला दबा डाला
झूठ कभी न किसी से कहना, सच बोलने से कभी न डरना। झूठ कभी न किसी से कहना, सच बोलने से कभी न डरना।
नन्ही सी होते जान ये बातें करते बड़ी बड़ी, मस्ती का ढूँढे बहाना ये जाने न समय घड़ी, नन्ही सी होते जान ये बातें करते बड़ी बड़ी, मस्ती का ढूँढे बहाना ये जाने न समय...
होता अगर रिमोट कंट्रोल ज़िन्दगी का भी, और पंख होते अपनी ज़िन्दगी के भी। होता अगर रिमोट कंट्रोल ज़िन्दगी का भी, और पंख होते अपनी ज़िन्दगी के भी।
कलाकार तो कलाकार है, अपनी कला दिखाता है। कभी रुलाता कभी हॅ॑साता। कलाकार तो कलाकार है, अपनी कला दिखाता है। कभी रुलाता कभी हॅ॑साता।
उठो लाल अब आंखे खोलो पानी लाई हूं मुंह धो लो। उठो लाल अब आंखे खोलो पानी लाई हूं मुंह धो लो।
डर के आगे जीत है, जीत ही जीवन गीत जो डरता वह हारता, जीवन की यह रीत।। डर के आगे जीत है, जीत ही जीवन गीत जो डरता वह हारता, जीवन की यह रीत।।
अब तो मुझको कोई भी खेल नहीं भाता है माँ मुझको फिर वही पुराने खेल सिखला दे अब तो मुझको कोई भी खेल नहीं भाता है माँ मुझको फिर वही पुराने खेल सिखला दे
सर्दियों की मस्त गुनगुनी सी धूप सुंदरी माँ संतरे खाती थी, छील छील। सर्दियों की मस्त गुनगुनी सी धूप सुंदरी माँ संतरे खाती थी, छील छील।
जीवन रूपी यात्रा सफल करने को, मन का सारा अंधकार मिटा दो। जीवन रूपी यात्रा सफल करने को, मन का सारा अंधकार मिटा दो।
दुश्मन को मैं धूल चटा दूँ, नया लिखूं इतिहास।। मैं छोटा सा बालक....... दुश्मन को मैं धूल चटा दूँ, नया लिखूं इतिहास।। मैं छोटा सा बालक.......
भारत माता के हम बच्चे, सबसे प्यारा अपना भारत। भारत माता के हम बच्चे, सबसे प्यारा अपना भारत।
दिल ना सही मगर इस दिल की "धड़कन" है दोस्त दिल ना सही मगर इस दिल की "धड़कन" है दोस्त
प्रगतिशीलता के पथ पर नया भारत सजाएंगे हम। प्रगतिशीलता के पथ पर नया भारत सजाएंगे हम।
उठो ! अब जाग जाओ, गहरी है नींद निराशा की। उठो ! अब जाग जाओ, गहरी है नींद निराशा की।
किस्मत उसकी ऐसी रूठी ना जाने किस महल में हैं किस्मत उसकी ऐसी रूठी ना जाने किस महल में हैं
पढ़ने गए वो लंदन फिर भी भारत को ही पूजा उनके जैसा भारत में ना कोई दूजा होगा पढ़ने गए वो लंदन फिर भी भारत को ही पूजा उनके जैसा भारत में ना कोई द...
किताब निहित इसमें जीवन का सार। किताब निहित इसमें जीवन का सार।
कुछ आँगन की किलकारी, कुछ चौबारे की गपशप कुछ आँगन की किलकारी, कुछ चौबारे की गपशप