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Mrs. Smita Vijay Shinde

Others

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Mrs. Smita Vijay Shinde

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बुढ़ापा

बुढ़ापा

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जवानी में अपना सारा पगार

बच्चों की खान पान और ख्वाहिशें पूरी करने में बिताया

वही बच्चों ने जवानी में बूढ़े बाप को 

एक रोटी के लिए तरसाया


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