STORYMIRROR

Umesh Shukla

Inspirational

4  

Umesh Shukla

Inspirational

सन्मति औ विवेक का कोष

सन्मति औ विवेक का कोष

1 min
248

कल आज कल में बीता

रहे उम्र के दिन तमाम

जो मानव सेवा करें बस

उनका ही होता है नाम

अच्छे कर्म और व्यवहार

ही दुनिया को रहते याद

अच्छाई के लिए करता हर

व्यक्ति प्रभु से फरियाद

धन, दौलत या संपत्ति से

बड़ी है सत्कर्म की लकीर

वेद पुराण बताते यही कि

ये बदले इंसान की तकदीर

ईश्वर से निशि दिन मांगिए

सन्मति औ विवेक का कोष

ये जो साथ में रहे तो जीवन

बना रहेगा सदैव ही निर्दोष।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational