STORYMIRROR

Dolly Singh

Abstract

4  

Dolly Singh

Abstract

संघर्ष

संघर्ष

1 min
380

संघर्ष क्षेत्र यह विश्वधरा,

जीवन संग होता है आरंभ

कभी गिरना, कभी संभलना,

प्रथम पद से होता प्रारंभ संघर्ष


कभी जीवन यापन का,

कभी लक्ष्य को पाने का कभी

कुटुंब की रक्षा का,

कभी मंजिल तक जाने का

जीवन का संघर्ष निरंतर,

यूं ही चलता रहता है


जो चुनौतियों से ना घबराते,

लक्ष्य उन्हीं को मिलता है

जो संघर्षों से हार मानते,

जिनके मन में भरी निराशा

मुश्किलों से रुकने वाले,

कितनों की हो तुम आशा


इतिहास गवाह है जीवन,

सदा संघर्षों की गाथा रही

देशहित जो प्राण गए,

उन जीवन में भी व्यथा रही


जब तक तन में प्राण रहे

संघर्ष हमें करना होगा

कठिन डगर हो कितनी भी

एक लक्ष्य पर रहना होगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract