Anshika Agarwal
Inspirational Children
समय का पय्या तभी शुरू हो जाता है,
जब हम इस दुनिया में आते है।
समय को कभी खोना नहीं चाहिए,
क्युकी हर समय कीमती होता है।
जब कीमती समय निकल जाएगा
पता नहीं चलेगा।
दोस्ती
मां
खास
विश्वास
समय
बेवफ़ाई
हाशिया
लोंग डिस्टेंस...
भरोसा
बेस्ट फ्रेंड ...
रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर. रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर.
चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या? चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या?
जीवन क्या है भूल भुलैया,या कर्मों का नाता है। जीवन क्या है भूल भुलैया,या कर्मों का नाता है।
भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्रणाम है। भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्र...
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है. यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है.
देख तू बता ज़रा, निर्बल तू किस प्रकार है। आरंभ है निर्माण का, जीवन का तू आधार है।। देख तू बता ज़रा, निर्बल तू किस प्रकार है। आरंभ है निर्माण का, जीवन का तू आधार...
सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी। सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी।
शत् शत् प्रणिपात है जन्मदात्री माता करुणामयी पालनहार तुम्हीं हो माता। शत् शत् प्रणिपात है जन्मदात्री माता करुणामयी पालनहार तुम्हीं हो माता।
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
वक्त के अनन्त बहाव में, जीवन के अविरल प्रवाह में, कभी डग भरके पगडंडियों पर. वक्त के अनन्त बहाव में, जीवन के अविरल प्रवाह में, कभी डग भरके पगडंडियों पर...
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
कलह क्लेश की दुनिया, किसके मन को भाती लड़ते लड़ते आत्माएं, देखो कितना थक जाती। कलह क्लेश की दुनिया, किसके मन को भाती लड़ते लड़ते आत्माएं, देखो कितना थक जाती।
कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है. कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है.
सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा । सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा ।
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना । माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना ।
उन लम्हों की बात न छेड़ो पीर बहुत बढ़ जाती है । उन लम्हों की बात न छेड़ो पीर बहुत बढ़ जाती है ।