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Pradeep Sahare

Inspirational

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Pradeep Sahare

Inspirational

समर्पित

समर्पित

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एक छोटा आँफिस,

आँफिस में अर्पित ।

काम के प्रति हमेशा,

तत्पर और समर्पित ।

सुबह से शाम,

दिमाग में बस काम..

काम की पी थी,

एैसी जनम घुट्टी ।

ना बुट्टी,ना छुट्टी ।

बात भी कम ही,

जैसे की हो कट्टी।

घर में भी न आराम,

बस्,

काम काम काम..

काम की एैसी लगन,

हो जाता पूरा मगन ।

अगर कोई आये विघ्न,

काम की तंद्री,

होती भी भग्न ।

थाेड़ा मुस्कराता,

रहता शांत..

ना झुंझलाहट,ना आकांत।

करता एैसी बात,

गर्मजोशी से मिलाकर हाथ।

मुस्कराता चेहरा,

दिल भी शांत.. शांत..

होते एैसे निराले,

काम के प्रति समर्पित,

हर जगह अर्पित...।


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