सीरत
सीरत
सीरत रखिए फूल सी, सबके बनिए खास।
सबके दिल पर राज कर, मंजिल की हो प्यास।
समाज सुधार काम कर, नेकी का कर कर्म।
चाहत को रख नित जवां, मरे नहीं अहसास।
सीरत में हो प्यार की,खुशबू भरे बहार।
दुनिया होगी आपका, सभी करेंगें प्यार।
गरीब से रख प्रेम को,देंगें हरदम साथ।
आगे ही आगे बढ़ें,सपना कर साकार।
सीरत गुलाब सी रखें,सूरत हो दिलदार।
दीपक सा हो जोत जब, मिलते राह हजार।
अरमानों को दें हवा,उड़ान भर आकाश।
खुशियों से ही मेल हो,जीवन भर हो प्यार।
सीरत दर्पण सा बना, दुनिया करे सलाम।
जीवन सीरत से सजे,पूजे सभी अवाम।
धर्म भाव को सब बढ़ा,लगे जगत गुलजार।
प्रेम नेह से जीत हो,सदा चले तब नाम।
