गुलशन खम्हारी प्रद्युम्न
Inspirational
(2122 -2122,2122 -2121)
पूर्व जन्मों से मिला था, योग्यता तुमको महान ।
दिव्य मणि अब खो चुका है,रो रहा है फिर जहान ।।
देवता भी सोचते हैं,कौन लाए नव बिहान ।
जान लो अब सत्य को ही,देख गीता या कुरान ।।
रज रज बनैं अब...
माॅं
सिर्फ तुम
देशप्रेम-पंचच...
लक्ष्मीबाई
मॉं काली स्तु...
देशप्रेम -पंच...
देश की लेखनी....
दुनिया का सबस...
मनमोहन की बजत...
शुभ है सूर्य का मकर राशि मे आना , ठिठुथरते ठंठ से दुनियां को राहत मिल जाना।। शुभ है सूर्य का मकर राशि मे आना , ठिठुथरते ठंठ से दुनियां को राहत मिल जाना।।
निकले सब लेकर डोर पतंगों की। सुंदर चौकोर खूबसूरत पतंगों की निकले सब लेकर डोर पतंगों की। सुंदर चौकोर खूबसूरत पतंगों की
कामयाबी हासिल करने की भीड़ में खुशियां ढूंढने की उम्मीद… कामयाबी हासिल करने की भीड़ में खुशियां ढूंढने की उम्मीद…
मात - पिता के चरणों में ही मिल जाता स्वर्ग है। तकदीर में होगा तो मिलेगा चिंता करना व्य मात - पिता के चरणों में ही मिल जाता स्वर्ग है। तकदीर में होगा तो मिलेगा चिंता...
क्योंकि हमारी मानसिकता उन तुच्छ चीजों पर केंद्रित है, जिसको हम खुद ही नहीं बदलना चाहते क्योंकि हमारी मानसिकता उन तुच्छ चीजों पर केंद्रित है, जिसको हम खुद ही नहीं बद...
उठ जाग जाग मेरे देश के जवान। उठ जाग जाग मेरे देश के जवान।
युग युवा उमंग अभिमान स्वामी विवेका नन्द प्रणाम।। युग युवा उमंग अभिमान स्वामी विवेका नन्द प्रणाम।।
हिन्दी है हमारी माता सम्मान इसका है करना हिन्दी है हमारी माता सम्मान इसका है करना
"रहमत" कितना महान है न सच में ये किसान है न। "रहमत" कितना महान है न सच में ये किसान है न।
घने कोहरे में, कपट छुपा है, आकाश की ओर देखो धुंध गहरा है ! घने कोहरे में, कपट छुपा है, आकाश की ओर देखो धुंध गहरा है !
परिवार अगर साथ नहीं हो तो अपनों का अर्थ है बेकार। परिवार अगर साथ नहीं हो तो अपनों का अर्थ है बेकार।
पुनः विचारों अब अगला पड़ाव क्या होगा, बदलाव की इस यात्रा का गंतव्य नया कल होगा। पुनः विचारों अब अगला पड़ाव क्या होगा, बदलाव की इस यात्रा का गंतव्य नया कल होग...
ऐसे नहीं मिसाल बनता है दुनिया में कोई कुछ तो अलग करके दिखाओ तो सही ऐसे नहीं मिसाल बनता है दुनिया में कोई कुछ तो अलग करके दिखाओ तो सही
चलो मिलकर हम नए साल का आग़ाज करते हैं। चलो मिलकर हम नए साल का आग़ाज करते हैं।
ख़ामोशी...! अल्फाजों से ज्यादा शोर मचाती शब्दों से ज्यादा गहरी है. ख़ामोशी...! अल्फाजों से ज्यादा शोर मचाती शब्दों से ज्यादा गहरी है.
नहीं सच्चे लोग सुदर्शन नहीं सच्चे दल। नहीं सच्चे लोग सुदर्शन नहीं सच्चे दल।
फिर भी इसमें कुछ भी दिखावा नहीं सिर्फ और सिर्फ सच्चाई दिखती है फिर भी इसमें कुछ भी दिखावा नहीं सिर्फ और सिर्फ सच्चाई दिखती है
भारत देश हमारा है सबसे यह प्यारा है। भारत देश हमारा है सबसे यह प्यारा है।
ना ईर्ष्या ना द्वेष तभी तो मिट सकेंगे जीवन के क्लेश। ना ईर्ष्या ना द्वेष तभी तो मिट सकेंगे जीवन के क्लेश।
हां में खुश हूं अपने तन्हाई से, क्यों की ए हाँ खुशी भी अपनी और दर्द भी अपने। हां में खुश हूं अपने तन्हाई से, क्यों की ए हाँ खुशी भी अपनी और दर्द भी अपने।