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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

Inspirational

शोषण व शोषित

शोषण व शोषित

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शोषण शोषित से अलग , दुनिया एक बनाएंगे ।

और हृदय विश्वास देकर , प्रेम पुरित कर जाएंगे ।


तन में मेरे जब तक प्राण हैं अभिमान भाव रहेंगे।

नेह का प्रतिदान पाकर , हृदय पुलकित कर पाएंगे।


भाग्य से कब तक लड़ोगे , कर्म पर भरोसा रख ।

जीवन की तमन्ना है तो अपने धर्म पर भरोसा रख ।


सनातन ही परम धर्म है , और सनातन ही रहेगा।

शोषण से सर्वदा दूर रहना , पोषण पर भरोसा रख ।।


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