शक की बीमारी।
शक की बीमारी।
शक की बीमारी की दीवारें,
दोस्तों जिसके भी अंदर हो।
उसके पास हमेशा रहता है,
दुखों दर्दों का अथाह सागर।
अकेले में दो विपरीत लिंगी,
आपस में बात या घूमते भी।
शक की बीमारी वालों से तो,
भगवन जी ही बचा सकते हैं।
शक की बीमारी ऐसे जेसीबी,
जो विश्वास भरोसे को तोड़े है।
शक की बीमारी मीठा ज़हर है,
इंसान पर सबसे बड़ा क़हर है।
