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DOLLY PRASAD

Classics Inspirational

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DOLLY PRASAD

Classics Inspirational

शिव की भक्ती

शिव की भक्ती

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ललाट पर है भस्म लगाए,

आरम्भ जिसका शमशान है,

माथे पर है चंद्र सोहे जटावो में

गंगा विराजमान है !


आदि भी यही,अंत भी यही है

इनमें ही समाया संसार,

मेरे भोले नाथ का ना जाने

मुझ पर कितना एहसान है !


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