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Sunil Kumar

Inspirational

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Sunil Kumar

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शिक्षक

शिक्षक

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शिक्षकों पर जो अक्सर अंगुलियां उठाते हैं 

एक बात उन्हें हम आज बतलाते हैं।

टेढ़े-मेढ़े रास्तों को पार कर शिक्षक जाते हैं

जंगल-नदियों के उस पार भी शिक्षक जाते हैं 

विद्यालयों में नित्य ज्ञान का दीप जलाते हैं

सही-गलत का भेद बच्चों को बतलाते हैं। 

विषमताओं में भी समता के बीज बोआते हैं

असंभावनाओं में भी संभावनाओं के मार्ग बनाते हैं

शिक्षक हमें हमारी मंजिल तक पहुंचाते हैं।

ब्रह्मा विष्णु महेश से ऊंचा स्थान ऐसे ही नहीं पाते हैं

एक साधारण बालक को ये चंद्रगुप्त बनाते हैं।

सृष्टि और प्रलय शिक्षक की गोद में समाते हैं 

समाज को नई दिशा शिक्षक ही दिखलाते हैं।



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