शीर्षक- "हमारी मातृभाषा हिंदी"
शीर्षक- "हमारी मातृभाषा हिंदी"
भारत देश हमारा है,
भाषा अपनी हिंदी है
ये हिंदी हिंदी ही नहीं,
भारत मां के माथे की बिंदी है।
भारत मां की गोद में,
हम सुख से समय बिताते हैं
इंग्लिश तो है आधुनिक,
क्यों ना पौराणिक
हिंदी अपनाते हैं
जहां कहीं भी चले जाओ,
हिंदी ही शान बढ़ाती है
ये ऐसी भाषा है जो,
आसानी में समझ में आती है।
इस हिंदी का हनन कभी,
जीवन में ना तुम होने दो
ये है अपनी राष्ट्रभाषा
इसे गौरवमय तो, होने दो।
मराठी बोलो, तेलुगु बोलो,
या बोलो गुजराती भाषा
है अनुपम उपहार ये हिंदी
ये हिंदी है अपनी राष्ट्रभाषा।
इसे हिंद में हम बड़े हुए,
ये हिंदुस्तान हमारा है।
ना जात- पात का भेद यहां,
हिंदी से मिला बढ़ावा है ।
हिंदी हमारी मातृभाषा है,
यह संस्कृत की देन है
इंग्लिश में आए इवनिंग तो,
हिंदी में होती रैन है।
हिंदी में लयात्मक,
हिंदी में गुणात्मक
हिंदी में भाषात्मक भाव हैं,
हिंदी में युगपद, हिंदी में तुकबंदी
हिंदी जीवन का सार है।
हिंदी हमारी जननी है,
हिंदी का रूप अपार है,
है हिंदी से विश्व में सार्थकता
बिन हिंदी तो, जीवन बेकार है।
