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Bhoop Singh Bharti

Abstract Inspirational Thriller

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Bhoop Singh Bharti

Abstract Inspirational Thriller

शेरनी

शेरनी

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न्यारी म्हारी शेरनी, न्यारा भरा जुनून।

देसभगती का उणमै, दौड़ रहा था खून।


दौड़ रहा था खून, गजब तलवार चलाई।

गोरों  गैल्या खूब, लड़ी थी लक्ष्मीबाई।


इंदिरा का जुनून, बणी सरताज हमारी।

फैली इनकी देख, देस म्हं खुशबू न्यारी।


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