सच्ची स्वतंत्रता
सच्ची स्वतंत्रता
सच्ची स्वतंत्रता पाने अलविदा कहना पड़ेगा स्व निर्मित बंधनों को,
स्वराज्य अधिकारी बनने पालन करना पड़ेगा नियमों को
सच्ची स्वतंत्रता पाना अर्थात जो सोचे वह कर दिखाएं हम,
कर्मेंद्रियों को अपने अनुशासन में चला पाए हम,
समभाव व विशुद्ध भाव धारण कर दें उदाहरण,
धैर्यता व निस्वार्थता से सेवा करें अनुग्रहण ,
पराधीन हो करें नहीं नियमों का उल्लंघन,
मानसिक स्वतंत्रता सेसच्ची स्वतंत्रता पूरा कर दिखाएं अपना कथन..
सच्ची स्वतंत्रता पाने अलविदा कहना पड़ेगा स्व निर्मित बंधनों को,
स्वराज्य अधिकारी बनने पालन करना पड़ेगा नियमों को
स्वतंत्र तो हो चुके बाहरी गुलामी से लेकिन अभी भी पड़ी हुई है बेड़ियां,
आध्यात्मिकता का दामन पकड़ ले तो,
सहजता से चढेंगे उन्नति की सीढ़ियां,
अंग्रेज नहीं है दुश्मन अब, अपनी ही कमजोरियां है सम्मुख,
सत्य, अहिंसा, पवित्रता के बल से अध्यात्मिक स्वतंत्रता की ओर हों उन्मुख
देश की सेवा बन जाए जुनून इस कदर ,
तब परिवर्तन लाएगी हर नजर,
देश बढ़ेगा आगे जब सभी रहेंगे मिलकर,
उठेगा जब जज्बा हर दिल के भीतर...
सच्ची स्वतंत्रता पाने अलविदा कहना पड़ेगा स्व निर्मित बंधनों को,
स्वराज्य अधिकारी बनने पालन करना पड़ेगा नियमों को!
